Lust

Allow yourself to be an idiot || Neem Candies
Allow yourself to be an idiot || Neem Candies
1 min

You need to pass through the entire spectrum of living. You need to experience maddening anger. You need to experience the rising force of lust. You need to experience the terrible temptation to be dishonest. You need to go through all of this without suppressing it, without being equivocal about

The dog knows, the man denies || Neem Candies
The dog knows, the man denies || Neem Candies
1 min

Dogs do it on roads, and no dog first allures the bitch with gifts or promises or rounds, or stuff over the fire, or holy chants. All that doesn’t happen. The dog knows what it wants, the bitch knows what it wants, and they just get over it quite quickly.

It won’t naturally happen  || Neem Candies
It won’t naturally happen || Neem Candies
1 min

The moment you turn thirteen or fourteen, lust arises on its own. That’s what you experience without any effort or discipline, correct? You don’t require to be disciplined or determined for your pubic hair to grow or your periods to start. Stuff just flows on its own!

So, don’t say

Relate to others in higher ways || Neem Candies
Relate to others in higher ways || Neem Candies
1 min

When I say that your love has to include even animals and plants and ecologies, do I mean that your love would exclude women, or that a woman’s love will exclude men? Obviously not. But then, this is pathological—sticking to a woman or sticking to a man, inwardly aiming for

The doll in the car || Neem Candies
The doll in the car || Neem Candies
1 min

Be the user of the car, not the doll in the car. Learn to be on the driver’s seat, not on the rear seat, or the seat next to the driver. Learn to hold the steering. Get out of your nest, and don’t be some damn particular about your sexuality

Hyper sexualization || Neem Candies
Hyper sexualization || Neem Candies
1 min

Men and women are different; their biologies make them different. But what we have is a hyper genderization, a hyper sexualization. The differences are there, but little. Society has hyper-inflated those differences. The woman has been turned into a hyper-woman, and the man has been turned into a hyper-man. And

शरीर नहीं, कमज़ोरियाँ दिखा रहे हो || नीम लड्डू
शरीर नहीं, कमज़ोरियाँ दिखा रहे हो || नीम लड्डू
2 min

भई! गर्मी का मौसम हो, तुम शरीर खुला रखो बात समझ में आती है। तुम कहीं नदी में, स्विमिंग पूल (तरणताल) में नहाने जा रहे हो, तुम कपड़े उतार दो, बात समझ में आती है। या तुम सिर्फ़ अपनी सुविधा के लिए कम कपड़े पहनो तो भी बात समझ में

ये घटिया लोग आदर्श बन गए? || नीम लड्डू
ये घटिया लोग आदर्श बन गए? || नीम लड्डू
1 min

इस युग का सबसे केंद्रीय प्रश्न है ये कि, “बीबा हॉट है कि शीबा?” और आप सही चुनाव कर सकें इसके लिए आपको दोनों की एक नहीं चालीस-चालीस तस्वीरें दिखाई जाएँगी। किसकी कमर कैसी है, किसकी जाँघें कैसी हैं, किसका वक्ष कैसा है, और नज़दीक से देखो ताकि तुम्हारा निर्णय

ये घटिया काम मत करना  || नीम लड्डू
ये घटिया काम मत करना || नीम लड्डू
1 min

जो आप अपने साथ ज़िन्दगी में घटिया-से-घटिया काम कर सकते हैं वो ये है कि आप अपने शारीरिक सौंदर्य की रोटी खाना शुरू कर दें। “लड़की बहुत सुंदर है, इसको तो बहुत अच्छा लड़का मिला है। बड़े डॉक्टर ने इसको पसंद किया है।“ अगर इस वजह से पसंद किया है

All material attraction comes from the same center || Neem Candies
All material attraction comes from the same center || Neem Candies
1 min

You do not need to wait for your encounters with women to know whether or not you are sexually motivated. Just see whether leather seats attract you. Just see whether furniture and garments and carpets and upholstery and wall-hangings and curtains and sofa sets attract you. Just see whether you

ब्यूटी पार्लर जाकर देखो तो! || नीम लड्डू
ब्यूटी पार्लर जाकर देखो तो! || नीम लड्डू
1 min

सब पुरुषों के लिए निश्चित होना चाहिए कि स्त्रियों के ब्यूटी पार्लर में कम-से-कम तीन महीने काम करें। यह व्यवस्था बननी चाहिए। जाकर देखो तो कि जिस रूप-यौवन के पीछे तुम इतने पागल रहते हो उसकी हकीक़त क्या है। जितने फल और सब्जियाँ रसोई में नहीं पाए जाते उससे ज़्यादा

बुलाती है मगर जाने का नहीं || नीम लड्डू
बुलाती है मगर जाने का नहीं || नीम लड्डू
1 min

यह लाज की, धिक्कार की बात है कि एक छोटे से सुख से ही खरीद लिया गया। अगर मैं छोटा आदमी होऊँगा ज़रूर जो इस छोटे से सुख से बिलकुल लार टपका दी मैंने। सवाल पूछते हैं फिर अपने-आप से कि, “तू इतना गिर गया? इतनी बड़ी चीज़ हो गई

बाज़ार वासना बेचता है || नीम लड्डू
बाज़ार वासना बेचता है || नीम लड्डू
1 min

किसी का दिमाग भ्रष्ट करने का एक बहुत अच्छा तरीका होता है उसको सेक्सुअल एक्टिविटी (यौन गतिविधि) की लत लगवा देना। अब वह कुछ भी करेगा।

जैसे की एक घटिया प्रोडक्ट (उत्पाद) है, एक बहुत बेकार उत्पाद है मार्केट (बाज़ार) का, जो कि कोई भी आदमी अपनी सहज बुद्धि में

पॉर्न के पीछे का सच || नीम लड्डू
पॉर्न के पीछे का सच || नीम लड्डू
1 min

यह तो साज़िश है जो २ मिनट ५ मिनट या २० मिनट के वीडियो दिखा दिए जाते हैं। इनमें दिखाया थोड़े ही जाता है, इनमें तो छुपाया जाता है। तुम पूरा देखो! पूरा देखने का मतलब है, वही नहीं देखा जो कैमरे के आगे हो रहा है, उनको भी देख

पत्नी से बेइज़्ज़ती पाने वालों || नीम लड्डू
पत्नी से बेइज़्ज़ती पाने वालों || नीम लड्डू
1 min

किसी भी आम लड़के से पूछ लो वो किसलिए विवाह करता है; सम्मानजनक काम करने के लिए तो वो भी विवाह करता नहीं, काम वह सारे ऐसे ही करता है जो विवाह के बिना करदे तो तुम कहोगे 'ज़लील, लुच्चे, लफ़ंगे! गायब हो जा यहाँ से!'

तो तुम जो अपना

Booze and girls are for kids || Neem Candies
Booze and girls are for kids || Neem Candies
1 min

Some psychedelics, some drugs, some excitement, some women, some booze—that’s what your pleasure is, right? High-speed driving, somehow managing a room in a posh hotel, walking into it with a girl—that’s what your pleasure is.

All the fun and merry-making will never give you what you really want. So have

टैलेंट के नाम पर पॉर्न बना रहे युवा || नीम लड्डू
टैलेंट के नाम पर पॉर्न बना रहे युवा || नीम लड्डू
1 min

बहुत तकलीफ़ हो रही है मुझे यह कहते हुए कि हमारे देश का औसत नौजवान, औसत लड़का, औसत लड़की एक अब औसत पॉर्नस्टार बन चुका है। और बहुत ज़िम्मेदारी के साथ मैं यह बात बोल रहा हूँ। और मैं कुछ गिने-चुने पॉर्नस्टार्स की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं इस

जो तुम्हारा ध्यान खींचने के लिए शरीर दिखाएँ || नीम लड्डू
जो तुम्हारा ध्यान खींचने के लिए शरीर दिखाएँ || नीम लड्डू
1 min

कि सुंदर लड़की आ गई या हैंडसम लड़का आ गया और तुम बिलकुल कँपने लग गए, हिलने-डुलने लग गए। जो तुम्हें अपना शरीर दिखा करके प्रभावित करना चाहे, तुम पर हावी होना चाहे, उसका प्रतिरोध आवश्यक है। कोई साधारण तौर पर सुंदर हो और तुम्हारे सामने आ जाए, उसकी तो

जल्दबाज़ी में बना लिया रिश्ता || नीम लड्डू
जल्दबाज़ी में बना लिया रिश्ता || नीम लड्डू
1 min

तुम अभी नये-नये किसी नौकरी में लगे हो और जहाँ तुम्हारी कोई हैसियत नहीं, औकात नहीं, आमदनी नहीं, तुमने अभी कुछ सीखा नहीं, कोई तरक्की नहीं करी, कोई पहचान नहीं बनायी, ना ज्ञान अर्जित किया। ना तुम अभी सामाजिक दृष्टि से कुछ हो, ना आंतरिक, आध्यात्मिक दृष्टि से कुछ हो

ख़तरनाक वासना || नीम लड्डू
ख़तरनाक वासना || नीम लड्डू
1 min

जहाँ तुमको कामवासना के पूरे होने की उम्मीद हो और वहाँ वह पूरी ना हो रही हो तो फिर जो फ्रस्ट्रेशन (खींझ) और हताशा उठती है, वो बहुत-बहुत तीव्र होती है। वह इतनी तीव्र होती है कि उसकी लहर में लोग हत्या तक कर जाते हैं। जिसको एक बार यह

वासना से सबका जन्म है, फिर वासना की निंदा क्यों? || (2020)
वासना से सबका जन्म है, फिर वासना की निंदा क्यों? || (2020)
18 min

प्रश्नकर्ता: अध्यात्म में कामवासना, शारीरिक-आकर्षण, इन सबके विरुद्ध सावधान रहने को कहा जाता है, लेकिन जिस प्रक्रिया से एक जीव इस दुनिया में, अस्तित्व में आता है, वह प्रक्रिया ग़लत कैसे हो सकती है?

आचार्य प्रशांत: जो सवाल पूछ रहे हैं, उनकी कुछ धारणाएँ हैं, जो सवाल के पीछे छुपी

ठरकियों को 'बोल्ड' बोलते हो? (कामुकता निडरता नहीं) || (2021)
ठरकियों को 'बोल्ड' बोलते हो? (कामुकता निडरता नहीं) || (2021)
6 min

प्रश्नकर्ता: सर, आप आज की जनरेशन (पीढ़ी) के तौर-तरीकों का इतना विरोध क्यों करते हैं? हम चाहे बोल्ड कपड़े पहनें या बोल्ड लैंग्वेज (भाषा) यूज़ (इस्तेमाल) करें, हममें कम-से-कम बोल्डनेस तो है।

आचार्य प्रशांत: मतलब कपड़े उतार कर कोई घूम रहा है तो वो बोल्ड हो गया? और कोई गाली-गलौज

How to overcome masturbation addiction?
How to overcome masturbation addiction?
5 min

Questioner (Q): I have a bad habit of masturbation. How to overcome this addiction?

Acharya Prashant (AP): When the inner energy has gone mad, there are only two options left - either to go fully mad or to give that energy the highest expression, the highest vent, the highest exit.

क्या कामुकता गलत है?
क्या कामुकता गलत है?
12 min

प्रश्नकर्ता : क्या कामुकता गलत है?

आचार्य प्रशांत: नहीं कुछ भी गलत नहीं है, गलत सिर्फ़ वो मन है जो दुनिया में चैन तलाशता है। ‘काम’ काम है, पर किसी की देह आपको आत्मिक सुकून नहीं दे सकती। ज़्यादातर लोग काम में प्रवेश इसलिए करते हैं कि चरमसंभोग के समय

चार-पाँच औरतों से एक साथ प्यार!
चार-पाँच औरतों से एक साथ प्यार!
8 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी आपका पॉलीगैमी (बहु-विवाह) के बारे में क्या कहना है? जैसे एक परिवार है उसमें पत्नि या पति है, तो अगर पति की दो-तीन प्रेमिकाएँ हों तो पत्नी को अच्छा नहीं लगता है। तो क्या ये भी नहीं होना चाहिए?

आचार्य प्रशांत: बेटा, अगर मॉनोगामी (एक-विवाह) है तो

क्या वासना ही प्रार्थना बन जाती है?
क्या वासना ही प्रार्थना बन जाती है?
9 min

प्रश्नकर्ता : आचार्य जी, संत ओशो जी का एक वीडियो देखा था जिसमें वो कह रहे थे कि “वासना जब अपने चरम सीमा पर पहुँचती है तब प्रार्थना में तब्दील हो जाती है।” तो यह वक्तव्य समझ नहीं आ रहा।

आचार्य प्रशांत: तुम्हारी वासना जब पहाड़ पर चढ़ जाती है

जो स्त्री के शरीर में संतुष्टि खोजते हों
जो स्त्री के शरीर में संतुष्टि खोजते हों
12 min

प्रश्नकर्ता: आपने कहा है कि हम अपने-आप में पूर्ण होते हैं लेकिन ये मुझे कहीं भी दिखाई नहीं देता। मैं अपनी पूर्णता एक औरत के शरीर में ढूँढता हूँ। मुझे गर्लफ्रैंड की हमेशा चाह बनी रहती है, तो ये वक्तव्य मेरी समझ में नहीं आता। अब ये भी मैंने सुन

प्रेम का नाम, हवस का काम
प्रेम का नाम, हवस का काम
11 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, चार साल से एक लड़के के साथ संबंध में हूँ। हम एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं, पर प्यार के साथ रिलेशनशिप (सम्बंध) में रोमांस और इंटिमेसी (अंतरंगता) भी आते हैं। आज इतने सालों में उसको देखती हूँ तो दिखता है कि उसे तो सिर्फ फिजिकल लव

Do your pleasures really please you?
Do your pleasures really please you?
6 min

Questioner (Q): Pranam Acharya Ji, please help me understand deeply the futility of chasing bodily pleasures. Looking back, my love for pleasures has always been above everything. There is the very strong feeling of pull, of missing out when I don’t act on my urges, which makes me act eventually.

वासना न पूरी होने की हताशा
वासना न पूरी होने की हताशा
15 min

प्रश्नकर्ता: मैं अर्थशास्त्र विषय में अनुसंधान कर रहा हूँ। मैं अपने विभाग में मेरी एक सीनियर छात्रा से अनुसंधान के कार्य के दौरान संपर्क में आया। उन्होंने मुझसे सांख्यिकी विषय में मदद ली थी, इसी दौरान मैं उनकी ओर आकर्षित होना शुरू हुआ। इस आकर्षण के कारण मेरी पढ़ाई, मेरा

वासना और वैराग्य || (2017)
वासना और वैराग्य || (2017)
10 min

प्रश्नकर्ता: संसार में प्राणी मरने के लिए ही उत्पन्न होता है और उत्पन्न होने के लिए ही मरता है। उत्पन्न होने के लिए मरना क्या है?

आचार्य प्रशांत: मरते नहीं न पूरा, रीचार्जिंग (पुनः ऊर्जा प्राप्त करना) पर जाते हैं। हमारी मौत थोड़े ही होती है। हमारा तो ऐसा होता

कामवासना बार-बार क्यों सताती है?
कामवासना बार-बार क्यों सताती है?
24 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, आपको सुनने के बाद जीवन में काफ़ी सुधार महसूस किया है लेकिन कामवासना की स्थिति में अभी भी असहाय रहता हूँ, ऐसा क्यों?

आचार्य प्रशांत: असहाय स्थिति तो रहेगी। जीव हो, इंसान पैदा हुए हो, संरचना ही तुम्हारी ऐसी है कि जवान होवोगे तो वासना पकड़ेगी। वह

कुमाता कौन और सुमाता कौन?
कुमाता कौन और सुमाता कौन?
23 min

जद्यपि जनमु कुमातु तें, मैं सठु सदा सदोस।

आपण जानि न त्यागहहिं, मोहि रघुबीर भरोस।।

~ संत तुलसीदास

आचार्य प्रशांत: कोई-कोई ही नहीं होता जिसका जन्म कुमाता से होता है। अगर आप इस श्लोक को सिर्फ प्रकरण के संदर्भ में देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा जैसे कि किसी पात्र-विशेष ने

लड़का-लड़की के खेल में जवानी की बर्बादी || आचार्य प्रशांत (2019)
लड़का-लड़की के खेल में जवानी की बर्बादी || आचार्य प्रशांत (2019)
9 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, आज से छह साल पहले एक लड़की की ओर आकर्षित हुआ। मेरे प्रेम की गुणवत्ता वही थी जो सामान्यतया मेरी उम्र के किसी भी लड़के की होती है। किन्तु उसी लड़की का पिछले वर्ष किसी दूसरे लड़के से प्रेम-सम्बन्ध हो गया। मैं पिछले पाँच वर्षों से सिविल

वासना निर्बल और निराधार क्यों? || आचार्य प्रशांत, रवीन्द्रनाथ टैगोर पर (2018)
वासना निर्बल और निराधार क्यों? || आचार्य प्रशांत, रवीन्द्रनाथ टैगोर पर (2018)
6 min

तुम मुझे रोज़मर्रा की निर्बल और निराधार वासना से बचते रहने की शक्ति देते रहो।

~ गीतांजलि

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, वासना को निर्बल और निराधार क्यों कह रहे हैं?

आचार्य प्रशांत: वासना को रवीन्द्रनाथ निर्बल इसीलिए कह रहे हैं, क्योंकि वासना में बल होता तो वासना उसको पा

How to transform lust into love? || Acharya Prashant (2017)
How to transform lust into love? || Acharya Prashant (2017)
23 min

Question: Is the transformation of lust into love somewhat related to a transformation in the energy which will sometimes refer to as Kundalini? Does this process of transformation of lust into love occur in moments when one joins hands and gratitude and in moments of complete attention or peace? It

अध्यात्म का मज़ा ये कि बेवकूफ़ी मन में उठती ही नहीं || आचार्य प्रशांत (2017)
अध्यात्म का मज़ा ये कि बेवकूफ़ी मन में उठती ही नहीं || आचार्य प्रशांत (2017)
12 min

प्रश्न: आचार्य जी, कल भजन गा रहे थे, “अमृत फल लिये हाथ, रुचै नहीं रार को।” भजन तो स्पष्ट है पूरा। रार जिसको समझाया है वो रार वो है जो दो को बताती है अलग-अलग। और अभी जो हम बात कर रहे हैं वो एक तरीके की तुलना कर

Cuteness is false.
Cuteness is false.
3 min

As some of us know, the best of sessions by Acharya Ji are the unplanned ones.Free Hearts Camp, December, has a two-year-old participant. She is just too ‘cute’ to be ignored. Acharya Ji glanced over this little girl, observed her style of walking, and blessed us with a spontaneous

कामवासना और प्रेम में क्या अंतर है? || आचार्य प्रशांत (2017)
कामवासना और प्रेम में क्या अंतर है? || आचार्य प्रशांत (2017)
52 min

प्रश्नकर्ता: प्रेम और कामुकता, या कामवासना, इन दोनों का अलग अस्तित्व है ही क्यों? इन दोनों में अंतर क्यों किया जाता है?

अगर हम इन शब्दों का मूल देखें तो प्रेम और वासना दोनों ही संस्कृत के मूल “लुभ्य” से आ रहे हैं, जिसका मूलभूत अर्थ इच्छा है। तो

When does sex become lust? || Acharya Prashant (2017)
When does sex become lust? || Acharya Prashant (2017)
3 min

Questioner: We treat sex as fun, as food, and nothing more than that. Is that why sex converts into lust?

Acharya Prashant: No, wrong. We do not treat sex just as fun and as food. Your longing for sex is far more intense, far more aggressive, far more meaningful, rather

What is lust? || Acharya Prashant (2017)
What is lust? || Acharya Prashant (2017)
3 min

Questioner: Isn’t lust a demand of the body and mind while true self keeps connecting with love?

Acharya Prashant: No sir, this distinction is unfounded. What we call as lust is not at all bodily or mental or physical. It is a little deeper than that. Lust is a misplaced

To know why a man and a woman are in conflict is to know why world is in conflict || Acharya Prashant (2016)
To know why a man and a woman are in conflict is to know why world is in conflict || Acharya Prashant (2016)
29 min

Question: I want to know why the world is at the moment so harsh?

Acharya Prashant: There is nothing that one group, one community or one person experiences that the other has never experienced or is not experiencing even to the slightest degree. Fundamentally we are all one. As human

वृत्तियों का बहाव || (2016)
वृत्तियों का बहाव || (2016)
4 min

प्रश्नकर्ता: एक वृत्तियों का बहाव होता है तो वो वाला हमारा है। वो चलता रहता है उसको देखना या उसको रोकना भी तो एक एक्शन (कर्म) हुआ?

आचार्य प्रशांत: देखो, जितने भी फ्लोज़ (बहाव) हैं, इनको रोकना या देखना, तुम जितनी भी इनके बारे में बातें करोगे उन सारी बातों

कामनाग्रस्त मन जगत में कामुकता ही देखेगा || आचार्य प्रशांत (2015)
कामनाग्रस्त मन जगत में कामुकता ही देखेगा || आचार्य प्रशांत (2015)
12 min

प्रश्न: चरित्र को नर-मादा संबंधो में ही क्यों देखा जाता है इस समाज में? और क्या किया जाए, अगर लोगों में ऐसी धारणा है तो किया क्या जाए?

वक्ता: आचरण, चरित्र, यह एक ही धातु से निकले हैं| आप यहाँ मेरे सामने बैठे हो, सौ गुण हो सकते हैं आपके,

प्रेमियों का प्रेम अक्सर हिंसामात्र || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
प्रेमियों का प्रेम अक्सर हिंसामात्र || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
13 min

प्रश्न: हमारा स्वभाव इतना हिंसक क्यों है? हम कुछ भी देखते हैं तो ज़्यादा सोचते नहीं, सीधे उग्र हो जाते हैं। जैसे रास्ते में पत्थर पड़ा है तो उसे लात मारनी है, यह बड़ी आम बात है। ऐसा क्यों?

वक्ता: पत्थर को लात मारने की सम्भावना कब ज़्यादा है?

श्रोता:

What is pleasure and what is its place in life? || Acharya Prashant on Khalil Gibran (2015)
What is pleasure and what is its place in life? || Acharya Prashant on Khalil Gibran (2015)
5 min

“Pleasure is a freedom song,

But it is not freedom.

It is the blossoming of your desires,

But it is not their fruit.”

Khalil Gibran

Questioner: Sir, what pleasure is and what is its place in life?

Speaker: Khalil Gibran is saying, “Pleasure is a freedom song, But

जगत पदार्थ, तो स्त्री वस्तुमात्र || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
जगत पदार्थ, तो स्त्री वस्तुमात्र || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
8 min

प्रश्न: सर, औरतों को शादी के उपरान्त अपने पति का उपनाम क्यों लगाना पड़ता है?

वक्ता: मेघना, अगर देख पाओगी तो बात साफ़-साफ़ खुल जाएगी। तुमने देखा है जब लोग घर बनाते हैं, तो घर के साथ क्या करते हैं? मित्तल साहब ने घर बनाया और उसके सामने क्या लिखा

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Love is not a mental or physical need. Love is not for the faint-hearted. Love is not for those who fear the loss of relationships, reputation, possessions or life. Love is not for those who are afraid of family, society, or uncertainty. Love is not for those who seek sanction from tradition or culture.
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