कोरोनावायरस

कोरोनावायरस

विषाणु मन का
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eBook Details
Hindi Language
Description
कोविद -19 प्रकोप ने अनुचित रूप से हमारी जीवन शैली को बाधित किया। परंतु कहीं ये जीवन शैली ही इस महामारी की जननी तो नहीं?

आचार्य प्रशांत प्राचीन ज्ञान के प्रकाश में वैश्विक संकट के वास्तविक समाधान के रूप में आध्यात्मिकता पर प्रकाश डालते हैं।

आचार्य प्रशांत कहते हैं: सामूहिक कार्रवाई से मदद नहीं मिलेगी; संस्थागत हस्तक्षेप मदद नहीं करेगा; आखिरकार, यह सभी सामूहिकता और सभी संस्थागत कार्रवाई के पीछे आदमी का दिमाग है। मनुष्य के मन को बदलना होगा। मूलभूत समस्या मानव मन का अंधकार है। और केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही इसे ठीक कर सकता है।
Index
CH1
ईश्वरीय प्रकोप?
CH2
अर्थव्यवस्था और बेहोशी
CH3
धर्म और बुद्धि
CH4
बुद्धिजीवी वर्ग और नास्तिकता
CH5
धार्मिक, अधर्मी एवं धर्महीन
CH6
बाबाजी करेंगे इलाज?
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